बहुभाषिक की सच्चाई ( The Linguist ) : Akbar Birbal ki kahani

Akbar Birbal ki Kahani: बहुभाषिक की सच्चाई – Birbal ne kaise Pehchani मातृभाषा?

शहंशाह अकबर के दरबार में एक ऐसा विद्वान व्यक्ति आएं जिन्हें कई सारी भाषाओं का ज्ञान था। उन्होंने सभी को चुनौती दी ,कि कोई उसकी असली मातृभाषा (Mother Tongue) पहचान कर दिखाए। जब सब हार गए, फिर शहंशाह अकबर की आखिरी उम्मीद बीरबल पे टिकी हुई थी ।
जब शहंशाह अकबर ने कहा, बीरबल आप बताए , तब शुरू हुई यह इस Akbar Birbal ki kahani का जबरदस्त मोड़ ,जानिए कैसे बीरबल ने अपनी बुद्धिमानी से उस बहुभाषिक की असली मातृभाष पहचानी।

बहुभाषिक की सच्चाई ( The Linguist ) : Akbar Birbal ki kahani

akbar birbal ki kahani hindi mein
बहुभाषिक की सच्चाई : Akbar Birbal ki Kahani

कुछ वर्षों से दरबार में अचानक से चहल – पहल बढ़ गई ,
सभी अपने- अपने कार्य में व्यस्त हो गए , कुछ व्यापार देखने लगे तो कुछ नया कारोबार शुरू करने की योजना बनाने लगे जिससे शहंशाह अकबर के राज्य में और वृद्धि हो !

लेकिन शहंशाह अकबर दरबार में बैठ कुछ सोच रहे थे उन्हें अपने दरबार में एक बहुभाषिक ( ऐसा व्यक्ति जिसे कई सारी भाषाओं का जानकार हो ) की आवश्यकता थी ।
ताकि उन्हें व्यापार करने में कोई समस्या ना हो !

यह बात शहंशाह अकबर ने सभी दरबारियों को बताई।

सभी दरबारियों ने कहा : जी जहांपनाह , इससे हमे व्यापार करने में सहायता भी मिलेगी और साथ ही हमारे और विदेशी व्यापारियों के बीच में एक सूझ बुझ बनी रहेगी ।

पूरे राज्य में ऐलान किया गया कि , दरबार में बहुभाषिक की आवश्यकता है ।

अगले दिन ,

एक व्यक्ति आए और कहा : जहांपनाह में कई सारी भाषाओं का जानकार हु जैसे हिंदी, उर्दू, संस्कृत,मराठी, फारसी (पारसी) , बंगला , चीनी, जापानी, जर्मन, फ्रेंच और स्पेनिश लोकप्रिय विदेशी भाषाएँ भी आती है ।

यह सुन शहंशाह अकबर प्रसन्न हुए मगर उन्होंने अपने मंत्री को कहा ,कि आप इन से अपनी मातृभाषा में बात करे और परखे!

एक- एक कर सभी दरबारी ने अपनी मातृभाषा में बात की यह बताना मुश्किल था कि बहुभाषिक की मातृभाषा किया है ! बहुभाषिक को सभी भाषाओं में काफी अच्छी पकड़ थी ।

कुछ देर बाद शहंशाह अकबर ने कहा हम प्रसन्न हुए , किंतु हम यह जानना चाहते है कि आपकी मातृभाषा क्या है ?

बहुभाषिक : जहांपनाह ! मेने आपके मंत्रीगणों को कई किस्से सुने क्यों ना मेरी कौन सी मातृभाषा है यह आपके मंत्री ही बताए ?

शहंशाह अकबर ने सभी दरबारियों को कहा आप सभी पता लगाए इनकी मातृभाषा क्या है ?

सभी दरबारी एक एक कर बोले : क्या हिंदी है ? या फिर मराठी या फिर बांग्ला ?

बहुभाषिक बोले : जहांपनाह ! माफ कीजिए मगर मैने जो भी सुना था शायद गलत था , आपके मंत्री तो बस एक प्रयास कर रहे है जिससे तुक्का लगाना बोलते है ।

शहंशाह अकबर का मुंह शर्मिंदी से झुक गया था ,
आखिर में उन्होंने कहा बीरबल आप बताए इनकी मातृभाषा किया है ?

Akbar Birbal ki kahani in hindi
बहुभाषिक ( The Linguist ) : Akbar Birbal ki Kahani Hindi Mai

बीरबल बोले : जहांपनाह में कल बताऊंगा इनकी मातृभाषा किया है !

अब अगली सुबह ,

सभी दरबारी , बहुभाषिक , बीरबल और शहंशाह अकबर दरबार में उपस्थित हुए ।

बहुभाषिक : बीरबल जी , आप बताए मेरी मातृभाषा क्या है ?

बीरबल : बांग्ला है |

शहंशाह अकबर ने बहुभाषिक से पूछा : क्या आपकी मातृभाषा बांग्ला है ?

बहुभाषिक : जी जहांपनाह!

शहंशाह अकबर ने बीरबल से पूछा मगर आपको यह पता कैसे चला बीरबल ?

बीरबल ने रात हुई घटित घटना बताई!

जहांपनाह, जब हमारे बहुभाषिक आराम कर रहे थे तब हमने एक सिपाही को कहा कि उनके कक्ष का द्वार थप – थपाए और छुप जाए जिससे बहुभाषिक की नींद खुल गई और फिर जब बहुभाषिक सोने का प्रयास कर रहे थे , तब फिर हमने सिपाही को कहा उनके कक्ष का द्वार थप – थापाए जिससे बहुभाषिक गुस्से में आ गए और बांग्ला में गाली देने लगे , और यह सब में पास के कमरे में छुपकर सुन रहा था ।

एक व्यक्ति गुस्से में या अकेले में अपनी मातृभाषा में ही बात करता है ।

शहंशा अकबर ने बीरबल से कहा : बहुत खूब बीरबल ,हमे गर्व है तुम पे ।

और बहुभाषिक का चेहरा उतर गया लेकिन उसने भी बीरबल की तारीफ की और इस तरह शहंशाह अकबर शर्मिंदगी से बच गए और एक अच्छी सुखद के साथ यह कहानी यहां समाप्त हुई ।

कहानी से सीख :
जो व्यक्ति ध्यानपूर्वक निरीक्षण करता है, वही असली सच्चाई को पहचान पाता है। बुद्धिमानी केवल ज्ञान दिखाने में नहीं, बल्कि सही समय पर सही तरीके से सत्य को पहचानने में होती है। धैर्य, सूझ-बूझ और गहरी समझ से ही कठिन से कठिन चुनौती का समाधान निकाला जा सकता है।

ये भी पढ़ें :10 Best Akbar Birbal Moral stories for Kids in Hindi

ये भी पढ़ें सोने का खेत – Akbar and Birbal stories for kids

निष्कर्ष : 

दोस्तों, मैं आशा करता हूँ कि आपको ” बहुभाषिक की सच्चाई ( The Linguist ) : Akbar Birbal ki kahani ” शीर्षक वाली यह  दिलचस्प हिंदी कहानी,  पसंद आई होगी , ऐसी और भी “ अकबर और बीरबल की मजेदार हिंदी कहानियाँ “, ” छोटी कहानियाँ ( Chhoti Kahaniyan),” ,”Akbar Birbal Stories in Hindi”,” Akbar Birbal ki kahani“,” Short Hindi Stories for Kids”, ”Akbar Birbal hindi kahaniyan with Moral ” , ” Short Hindi Stories ”, ” Short Akbar Birbal ki kahani” की कहानी पढ़ने के लिए, हमारे ब्लॉग www.Sagadoor.in पर बने रहे , धन्यवाद !

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *