Story for Kids in Hindi

Read Top 5 Best Moral Stories in Hindi: मेरी मां,अनोखा सपना|

Top 5 Moral Stories in Hindi

हिंदी कहानियां ( Hindi Kahaniyan ) जो दिल को छू जाए और साथ ही साथ बच्चों को नैतिक शिक्षा भी दें । आज के इस ब्लॉग पोस्ट ” Top 5 Moral stories in Hindi ” के इस पोस्ट में पांच ऐसी हिंदी कहानियां है जो आपको बच्चे को फैसला लेना ,धैर्य रखना और साथ ही साथ शिक्षा के महत्व और अच्छी संगत के बारे में बताया गया है , जिससे बच्चे ये Hindi Moral Story पढ़ के अपने भविष्य में गलती करने से बचे इसमें कुछ हिंदी कहानियां ( Hindi Kahaniyan ) ऐसी है जो सच्ची आधारित घटना पर है जिसे मेने अपने अनुभव से लिखा और जो मेने अपने सामने देखा यह Top 5 Moral stories in Hindi के इस पोस्ट में मेने Hindi moral story with pictures भी जोड़ा है ताकि पढ़ते समय आपको यह मजेदार लगे ।

  • मेरी मां
  • दो रोटी
  • अनोखा सपना
  • भविष्य खतरे में
  • नशा – एक बुरे संगत की कहानी

मेरी मां ( My Mother ) : Kids Moral Story in Hindi|

कुछ हफ्ते पहले की बात है में एक ऑटो ( Auto) से सफर कर रहा था ,उस ऑटो में चार लोग बैठ हुए थे में पांचवा व्यक्ति था |

उस ऑटो में , मेने देखा के एक मां अपने बच्ची के साथ है और उनका पति भी साथ में था और एक कोई बुजर्ग व्यक्ति और एक महिला थी, अचानक से वह बच्ची रोने लगी,उसकी मां ने बोला बेटा चुप हो जा में यह सब देख रहा था मगर वह बच्ची नहीं मानी वह और रोने लगी , पास वाली महिला ने बोला किया हुआ ! क्यों परेशान कर रहा है ? अपनी मम्मी को चुप हो जा देख कार्टून देखेगा मगर कोई फायदा नही हुआ,

वह बच्ची फिर रोने लगी मगर उसकी मां उसे चुप कराने में ही लगी रही फिर उसकी पीठ थपथपाने लगी मेरा अच्छा बच्चा , उसी समय एक पुलिस बाइक से जा रहा था उसकी मां ने देखा कहा देखो पुलिस जा रहा है वह यह ही देखने आए है की कोन सा बच्चा रो रहा है , चुप हो जा नही तो वह घर पे भी आ जायेगे सब को जेल हो जायेगी मगर फिर भी वह चुप नही हुई फिर उसके पिता ने एक बार कोशिश की मगर बच्ची शांत नहीं हुई,

पता नही ऐसा किया ठान रख था की वह बच्ची चुप ही नहीं हुई और आखरी में उनका घर आ गया ।वह बच्ची बहुत प्यारी थी पड़ पता नहीं वह क्यों चुप नहीं हो रही थी । वह बच्ची सिर्फ 3 – 4 साल के आस – पास होगी ।

Moral of the story :

मेने इस सफर में देखा सब लोगों ने एक बार कोशिश की उस बच्ची को चुप कराने की या दो बार फिर हार मान गए मगर मां लगातार अपनी बच्ची को चुप कराने में लगी रही , तो मां एक अपने बच्चे को चुप कराने के लिए लगातार मेहनत कर सकती है तो , हम क्यों नहीं मेहनत करते हैं अपने अच्छे भविष्य के लिए और माँ की खुशियों के लिए |

दो रोटी ( Two loaves ) : Short Moral Stories in Hindi |

आज में बहुत हट्टा कट्टा हु में एक (colonel ) कर्नल हु आर्मी ( Army ) में , अक्सर आपने सुना होगा किसी सफलता पूर्वक व्यक्ति के पीछे किसी लड़की या औरत का हाथ होता है इस कहानी में भी औरत है , और दो औरत एक मेरी मां और मेरी नानी मां ।

में अपने बचपन में बहुत पतला था , में एक गली से जाना और घूम के आने तक थक जाता था मेरी मां ने मेरा बहुत ख्याल रखा में अच्छे अच्छे खाना भी खाता था मगर कुछ फर्क नही दिखता था ।

डॉक्टर ने बताया आपका बच्चा कुपोषण से पीड़ित है , संतुलित आहार और पानी की कमी से ये मेरे साथ हुआ था , यह मेरी ही वजह से हुआ था क्योंकि किसी भी तरह का स्वाद का खाना मुझे अच्छा नही लगता था ।

मेरी मां हमेशा परेशान रहती थी , कुछ समय बाद मेरी स्कूल की छुट्टियां हुई और में अपने नानी मां के घर गया,

मेरी नानी मां ने देखा मुझे और मेरी मां पे चिल्लाने लगी पूरी तरह से ,

नानी मां : यह किया कर रखा है तूने मेरे लल्ला का हाल ?

मां : यह कुछ खाता ही नहीं है इससे कुछ स्वाद अच्छा नही लगता ,यह कुपोषण से पीड़ित है ,

नानी मां : कोई बात नही अब देखती हु कैसे नहीं खाता है खाना

यह सब देख के में डर गया की अगर खाना नही खाया तो नानी मां मेरा किया हाल करेगी ,शाम को नानी मां ने खाना बनाया और कहा खा इससे मेने खाना शुरू किया मुझे अच्छा नही लगा पता नही पड़ उस रोटी में कुछ लगा था ,

जो अजीब ही स्वाद था में थोड़ा खाया और कुछ समय बाद मुझे उलटी हो गया ,नानी मां कह रही है कोई बात नही पहेली बार है ,मेरी नानी मां पता नही किया समझ रही थी मुझे ।

अब अगली सुबह 5 बजे मेरी नानी मां ने उठाया मुझे

मेने कहा : नानी मां अभी तो कुछ समय नही हुआ है उठने का ?

नानी मां : बेटा समय तो हो गया

में बहुत बोला नानी मां मानी नहीं में अपनी मां के पीछे छुप गया जा के ,

नानी मां : मेरी मां को कहते हुए आज यह बच्चा मुझे दे दे

अब में यह सोच रहा हु मांग तो ऐश रही है जैसे बलि देने वाली हो में जोर जोर से रोने लगा , मगर नानी मां नही मानी उन्होंने ने मुझे एक खेत के दस चक्कर लगाने को कहा मेने शुरू किया में मुश्किल से पांच चक्कर लगाए और बेहोश हो गया मेरी नानी मां भी बहुत परेशान हो गई ,

मगर जब में बेहोशी से उठा तो मुझे थोड़ी भूख लगी थी तब मेने आधी रोटी खाई जिस पे कुछ लगा था , नानी मां ने बताया ये घी है । में शायद में पहली बार इतना थका था , मेरी नानी मां ने फिर भी कोई लाड प्यार ना दिखाते हुए कहा: कल दस चक्कर लगाने है तुम्हे ,फिर कल सुबह में उठा और मेने दौड़ना शुरू किया मेरी मां भी मुझे कही बेटा अच्छे से दौड़ना ,

इस बार में अपनी मां को निराश नही करना चाहता था ,में दौड़ा और इस बार मेने 7 चक्कर लगाए थे इस बार मेने एक रोटी खाया ,नानी मां ने इस बार बोला सबाशा बेटा ! अब अगले दिन से मुझे अच्छा लगने लगा और मेरी मां , नानी मां चाहती थी में दस चक्कर लगाऊं इस बार मेने दस चक्कर लगाया और फिर एक रोटी खाई ।

मेरी नानी मां ने कहा : बेटा हमेशा याद रखना जब आप मेहनत करते हो किसी चीज के लिए तो हमेशा सब्र रखना आना चाहिए नही तो मेहनत और फल दोनो ही किसी और को मिल जाता है । मेने इस बात को ध्यान में रखा , और अपनी मेहनत में हमेशा थोड़ा ज्यादा कोशिश करने का किया,

हफ्तों बाद में दो रोटी खाने लगा और अब ढेर सारा पानी पीने लगा था ,मुझे ऐसा लग रहा था बस में इस कुपोषण से बाहर हो जाऊंगा और दो महिनों बाद में इस कुपोषण को मत दिया मेने हर दिन दो रोटी खाया , भले ही में अब कुछ खाता या ना खाता में अपने दिनचर्या में दो रोटी हमेशा खाता ,

धीरे धीरे में बड़ा हुआ मेने अपने स्कूल में NCC ( National Cadet Corps ) में शामिल हुआ और मुझे यह अच्छा लगने लगा मेरी मां ने कहा अगर आपको यह अच्छा लग रहा है तो इसी फील्ड में आप आगे बढ़ो ,और मेने 12 कक्षा के बाद NDA ( National Defence Academy ) का परीक्षा दिया और विफल रहा में निराश हुआ मगर मेरी मां ने कहा कोई बात नही बेटा जरूरी तो नहीं आप एक ही बार में सफल हो जाऊं फिर मेरी नानी मां ने जो कहा था वह याद आया मुझे ” जब आप मेहनत करते हो किसी चीज के लिए तो हमेशा सब्र रखना आना चाहिए नही तो मेहनत और फल दोनो ही किसी और को मिल जाता है “

अगले साल मेने दोबारा कोशिश किया , मेने इस बार फिर परीक्षा दिया मुझे इस बात की कोई दिक्कत नही थी की में इस बार भी क्लियर नहीं कर पाऊंगा या कर पाऊंगा बस में इतना जानता था मेने अच्छे से मन लगा के किया है मेने अपना काम और रिजल्ट आया तो इस बार मेने कर दिया था ।और Army officer की पोस्ट पे ज्वाइन हुआ और 26 साल के बाद में यह कर्नल ( colonel ) बना , में आज भी दो रोटी खाता हु जो मेरी नानी मां ने मेरी सेहत के लिए मुझे दिया था , अब मेरी नानी मां तो नहीं है मगर वह ही थी जिसने मुझे दौड़ना सिखाया और मेरी मां ने मुझे आगे बढ़ना सिखाया । मेरी मां हमेशा मेरे रास्ते पे एक गुरु की तरह थी मेरे कर्नल बनने की journey में बहुत से समस्या आए मगर मेने उन्हें हस के पार किया और APJ Apdul kalam ने भी कहा है :

A man need his difficulties because it’s necessary to enjoy their success.

धन्यवाद ! आपने मेरी यह कहानी पढ़ी ।

Moral of the story :

आगर आप कुछ करना चाहते हो या कुछ बनना चाहते हो तो आपको मेहनत करनी पड़ती है साथ ही साथ धैर्य रखना भी जरूरी होता कई लोग कुछ करने के लिए मेहनत करते है मगर वह सब्र नही रखते और बीच में ही छोड़ देते है जिससे वह असफल रहते है ।आशा करते हैं आपकी ये “Top 5 Moral Stories in Hindi ” के पोस्ट की ये कहानी अच्छी लगी हो |

अनोखा सपना ( Unique Dream ) : Moral Stories in Hindi For Class 9 |

मेरा नाम रोशन है में 16 साल का हु में , हमेशा अपने फैसले खुद लेने की कोशिश करता हु पड़ ऐसा होता नहीं है ।

क्योंकि मेरे घर वालों मुझे फैसला लेने नही देते क्योंकि उनका लगता है में गलती कर सकता हु इसलिए वह जो भी बोलते है में वही करता हु ।इस साल मेने दसवीं कक्षा पास किया और अब में ग्यारवी कक्षा में जाने वाला हु अब में अपनी पढ़ाई Arts ले कर आगे बढ़ना चाहता हु ,

मगर मेरे पड़ोस के कुमार जी के लड़के ने साइंस (science) लिया है और मेरे घर वाले मुझे कह रहे है अच्छे बच्चे हमेशा साइंस (science) ही लेते जिनको scientist बनना होता है और इंजीनियर ( Engineer ) बनना होता है ,डॉक्टर ( Doctor ) बनना होता है ।

Arts आपके लिए सही नही है उन्होंने कहा ,मेने कई बार आपने माता – पिता से बात की मगर वे नहीं माने ,

यहां तक उन्होंने यह कहना शुरू कर दिया बहुत बिगड़ गए हो तुम जरूर ये सब तुम्हारे कम मार्क्स लाने वाले दोस्त ने कहा होगा । में अब कुछ नहीं कर सकता था । मेने बताया मेरे दोस्त के कम मार्क्स है मगर वह काफी अच्छा है दिल का , मेरा दोस्त Arts ले कर पढ़ना चाहता इसलिए नहीं की उसके कम नंबर है इसलिए की उससे Arts अच्छा लगता है । मेरे पापा नहीं माने में निराश हो के सो गया ।

अब जब में उठा अगले दिन में चौंक गया था , में पता नही कैसे में 50 साल का हो चुका था में एक इंजीनियर ( Engineer ) बन गया था , मुझे लगता है मेने अपने माता – पिता की बात मानी और मेने साइंस (science) ले कर आगे बढ़ा था ,मेरा कही भी मन नहीं लग रहा था मुझे कुछ भी समझ नही आ रहा था मेरे सर के आधे बाल नहीं थे , मेरी शादी हो चुकी थी मेरी बीवी मुझे पसंद नही करती थी और नही मे अपनी बीवी को शयाद मेने अपनी शादी भी किसी के कहने पे की थी ,

मेरा एक बच्चा था , मेने अपने दोस्त से मिला जिसने Arts ले कर पढ़ाई की वह अपनी लाइफ में बहुत आगे बढ़ गया था वह एक chef बन गया था उसने अपना खुद का एक रेस्टोरेंट भी खोला था और वह अपनी जिंदगी में बहुत अच्छा कर रहा था , और अच्छा किया भी उसने शादी भी उसने अपनी पसंद से की उसने अपनी पूरी जिंदगी जी खुशी से , एक तरफ में अपनी जिंदगी पूरी तरह से एक बोझ की तरह जिया ,मेरा एक बच्चा उसने मुझ से पूछा एक दिन पापा में ग्यारव्ही कक्षा में जाने वाला हु आप बताए में किया करू में पता नही क्यों चिल्लाया मुझे अपना बचपन वापस चाहिए फिर कहा अपने फैसले खुद लेने चाहिए ,

और जोर जोर से चिलाने लगा और मेरे घर वालों ने दरवाजा खोल के मेरे पास आ गए और कहा ठीक है बेटा जो तुम्हे बनना है वो ही बनो और जो तुम लेना चाहते हो वही चुनो तब मुझे पता चला यह मेरा सपना था , इस सपने की वजह से में इतना तेज चिल्लाया की मेरे घर वाले भी डर गए और मान भी गए |

Moral of the story :

हमे अपने फैसले खुद लेना चाहिए अगर आपको यह लगता है आप फैसला नही ले सकते तो आप अपने माता – पिता से राय ले सकते आप उन्हें यह बता सकते है मुझे यह अच्छा लगता है में यह करना चाहता हु तो वह जरूर आपको सही फैसला लेने में मदद करेंगे । हालांकि इस कहानी से हमने जाना रोशन के अनोखा सपने ने उसकी मदद की । और उसने सही फैसला लिया , उसने जाना गलत फैसला से किया हो सकता है ।आशा करते हैं आपकी ये “Top 5 Moral Stories in Hindi ” के पोस्ट की ये कहानी अच्छी लगी हो |

भविष्य खतरे में ( Future in Danger) : Hindi Moral Story |

top moral stories for kids

भविष्य खतरे में है अपने अक्सर अपने दादा जी या नाना जी या आस पड़ोस के लोगों से सुना होगा अगर यह कर लिया होता तो आज कुछ और होते वह कर लिया होता तो आज कुछ और होते आज की यह कहानी सच्ची आधारित घटना पर ही लिखी है पढ़िए और जानिए कैसे भविष्य खतरे में है ।

यह कहानी है आशीष की , आशीष ने अपने बचपन में ही सोच लिया था उसे इंजीनियर बनना है आर्किटेक्चर इंजीनियर ( Architecture Engineer ) और उसका सपना था की वह अपना घर खुद से बनाए ,कुछ समय तो इन बातें पे ध्यान देता है मुझे किया करना चाहिए और किया नहीं मगर धीरे धीरे वह सोचता है में यह आसानी से कर लूंगा और मस्त तरीके से जीने लगता उसके नंबर भी बहुत कम आने लगते है उसके माता – पिता भी कहते है बेटा पढ़ ले मगर वह यह सोचता है भविष्य में सुधार लूंगा अभी मुझे दोस्तों के साथ घूमने जाना है ,और ऐश करते करते वह बड़ा हो जाता है उसका इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला भी नही हो पाता और इंजीनियर भी नही बन पता है ।

और B.A कर के छोटी सी नौकरी करता है । हम भविष्य के बारे बहुत कुछ सोचते है मगर वह मेहनत ही नहीं करते , हम सोचते है हम अपना भविष्य सुधार लेंगे मगर सच तो यह है की भविष्य होता ही नही है हमारा आज ही भविष्य होता है अगर अपने आज को बेहतर बना ले तो हमारा भविष्य भी बेहतर होगा ।

Moral of the story :

इस कहानी से हम सीखते है की बचपन में मस्ती करना सही है लेकिन ऐसा नहीं की अपने लिए अनुशासन ना रखें और अपना काम समय पड़ पूरा करें अगर आज बेहतर बनेगा तो कल ही बेहतर बनेगा नहीं तो कोसने के अलावा और कुछ नही बचता हमारे पास । आशा करते हैं आपकी ये “Top 5 Moral Stories in Hindi ” के पोस्ट की ये कहानी अच्छी लगी हो |

नशा – एक बुरे संगत की कहानी : Class 8 Moral Stories in Hindi |

एक संगत का असर किस हद तक प्रभावित कर सकता एक बच्चे को की घर में ही चोरी की पढ़िए और जानिए किया हुआ रेहान के साथ और कैसे उसने इस पर काबू पाया।

मेरी उम्र अभी 13 साल है में एक नशे की लत में हु मुझे यह लत 6 महिनों से अधिक हो चुका है इस नशे में एक तरह का केमिकल ( whitner) सूंघता हु इसे सूंघने के बाद मुझे ऐश लगता है मानो कोई आस पास है ही नहीं,इसकी कीमत 80 रुपए है में काम तो में करता नहीं हु तो इसके लिए पैसे मे अपने घर से चोरी कर लेता हु ,कभी पापा के जेब से तो कभी मम्मी के पास से तो कभी बड़े भाई की जेब से मगर एक दिन जब मेरे भाई ने मुझे पकड़ लिया तो !उन्होंने कुछ बोला नहीं मगर एक तरफ बुला के पूछा

बड़ा भाई : किया हुआ पैसे क्यों चुरा रहा है हां ? घर में मांगेगा तो नहीं मिलेगा ?

में : नहीं मुझे ऐश लगा परेशान करना सही नहीं होगा

बड़ा भाई : अच्छा इस तरह से चोरी करेगा तो और परेशान होंगे सब लोग किया कारण है बता ?

में : अब जो पूरी तरह से चौंक गया था समझ नही आ रहा था किया बोलूं बड़े भाई ने मेरी जेब चेक किया तो उसने पाया मेरे जेब में whitner हैं उन्होंने देखा और पूछा

बड़ा भाई : यह किया है ?

में : भैया यह मेरा नहीं है , यह मेरा नहीं है

बड़ा भाई : रुक अभी तू बड़े भाई ने उसके आस पास अपना मुंह ले गया वो समझ गया यह इसी का है ,

में ( मन ही मन में ) : मेरा भाई समझ गया यह मेरा ही है अब मुझे यह नही पता था किया करना है ,

बड़ा भाई : अब तू चिंता मत कर में बताऊंगा किया करना है ! मेरे भाई ने व्हाइटनर ( whitner) छीन के फेक दी और मेरा जो एक मोबाइल था उसे भी छीन लिया भाई ने मुझे अच्छे से मुंह धोने को कहा और

बड़ा भाई (बोला ) : कल से कोई दोस्त से नहीं मिलेगा तू उन्होंने मुझे ज़ोर से चिल्ला के कहा ।

अब अगले दिन से भाई मुझे अपने साथ पार्क में ले जाया करते और नए नए लोगों से मिलवाते है और साथ ही नशे को छोड़ने की दवा भी दिलवाई ,मेरे नए दोस्त बनते है सब अच्छे स्कूल में पढ़ते है मेरा भी नाम पुराने स्कूल से नए स्कूल में दाखिला हुआ ,मेरे भाई रोज मुझे पार्क ले जाया करते और योग करने को बोलते है ,मुझे जब भी नशा करने का मन करता मेरा भाई मुझे दवाई खिलाता और अच्छी अच्छी परफ्यूम ( सुगंधित ) सूंघता और पानी से मुंह धोने को बोलते थे बहुत मुश्किल से नियंत्रण हो पता था , फिर धीरे धीरे थोड़ा नियंत्रण हो पा रहा था ,

उन्होंने मुझे किताबे पढ़ने की आदत लगाईं और मेरी उस बुरी आदत को उन्हे किताब पढ़ने की आदत से बदलने में मदद की लगभग 4 महीने के बाद में उस बुरे नशे की आदत से में बच निकला और अपने जीवन में आगे बढ़ा ,मेरे भाई समझ गए मेरी गलत संगत से यह सब मेने सीखा वो जानते थे में यह नशा में छोड़ सकता हु और उन्होंने इसीलिए मेरा दोस्तों का संगत भी बदला । मेरा समय बर्बाद हुआ मगर मेने एक बुरी आदत से बच पाया और एक सिख मिली ।

Moral of the story

कई बार हम सब गलत संगत में फस जाते है और गलत चीज़े भी सीख लेते है इसीलिए बचपन में हमारे आस – पास का वातावरण भी बहुत मायने रखते है , अच्छी संगत के साथ साथ हम अपने आप अच्छी आदतों में होते है और बुरी संगत के साथ बुरी आदतों में । एक समय तक मस्ती सही है मगर अच्छे दोस्त बनाए , दोस्तो बुरी संगत से बचे, क्योंकि बुरी संगत आपको डूबा देती है। आशा करते हैं आपकी ये “Top 5 Moral Stories in Hindi ” के पोस्ट की ये कहानी अच्छी लगी हो |

Hindi Moral Story For Kids

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *