रोटी और शर्त : Hindi Stories for kids with Moral

रोटी और शर्त की यह एक मज़ेदार कहानी

पढ़िए यह रोटी और शर्त की एक मज़ेदार हिंदी कहानी किया होता है जब एक किसान अपनी गाय को घोड़े के साथ बदल लेता है फिर अपने घोड़े को भेड़ के साथ फिर भेड़ को मुर्गी के साथ इसका अंतिम मोड़ आपको नैतिक शिक्षा के साथ आनंद भी देगा जब दाल का तड़का लगता है पढ़े यह प्रेरणादायक हिंदी कहानी ( Hindi Inspirational Stories) |

रोटी और शर्त : Best Hindi Stories

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रोटी और शर्त : Hindi Stories for Kids

एक गांव में एक किसान अपनी पत्नी के साथ रहता था ,
वह भूमिहीन था वो अक्सर ही जमीदारों से ज़मीन किराए पे ले लिया करता और अनाज को बो दिया करता उसके पास एक गाय भी थी जिससे वह उसका दूध बेच के कुछ पैसे कमाया करता , उसकी पत्नी हमेशा ही उसका साथ दिया करती थी , उनकी कोई संतान नहीं थी मगर उनमें बहुत प्रेम था !

अब कुछ समय बाद ,

किसान की आधी फसल खराब हो गई और जो बची हुई थी वो जमींदार ने रख ली क्योंकि किसान के पास पैसे नहीं थे किराया देने के लिए ।

अब कुछ दिनों बाद , किसान बहुत बुरी परिस्थितियों से गुजर कर रहा था, ना ही उनके पास अब कुछ खाने के लिए अनाज बचा और नहीं कुछ पैसे , उनके पास जो गाय थी , कभी – कभी उनका ही दूध पीकर वो गुजारा करते या उस दूध को बेच दिया करते ! उनके पास इतने भी पैसे नहीं थे कि गाय को अच्छे से खिला सके ।

अगले दिन ,

दूध देने वाली गाय को लोग खरीद लिया करते है , क्यों ना इसे हम बेच दे , और जो पैसे मिलेंगे उससे हम कोई अपना कारोबार शुरू करेंगे , यह सारी बात पत्नी ने किसान को बताई दोनों राज़ी हो गए !

अगली सुबह ,

थैले में थोड़े चिवड़ा और चने बांध लिया खाने के लिए और चल दिया ,
जाने से पहले ,

किसान की पत्नी आई और गाय के कान में कुछ कहने लगी , हमे माफ कर देना , हम बहुत बुरी परिस्थितियों से गुजर रहे है ।

हमारे पास और कोई रास्ता नहीं है यह कह कर वह रोने लगी, गाल पे बहते हुए आंसू को गाय ने चाट लिया ,

किसान से देखा नहीं गया और वह अब गाय को ले कर चल दिया !

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जैसे ही गांव पार कर जंगल में पहुंचा तो किसान को भूख लगने लगी उसने अपने साथ लाया हुआ थैला निकाला और एक जगह बैठ के खाने लग तभी एक व्यक्ति अपना घोड़ा ले कर आया और बोला

क्यों भाई गाय को बेचने निकले हो ?

किसान : हां ,

घोड़े वाला व्यक्ति : क्यों न तुम अपने गाय को मेरे इस घोड़े से बदल लो ?

किसान ( मन ही मन ) : यह एक अच्छा सौदा है , घोड़े पर में समान इधर- उधर ले जाने में दिक्कत नहीं होती है साथ ही जंगल में जा कर लकड़ियां काट कर उन्हें बेच भी सकते है और में रात होने से पहले ही घर भी पहुंच जाऊंगा नहीं तो मेरी पत्नी को मेरी चिंता सताने लगे गी,

घोड़े वाला व्यक्ति : क्या हुआ भाई ?

किसान : ठीक है , हम आपस में बदल लेते है ,

अब किसान ने सोचा अभी तो समय है क्यों ना थोड़ा और आगे जाया जाए ,

वह जैसे ही आगे बढ़ा कुछ देर एक व्यक्ति अपने भेड़ को लेकर घर जा रहा था ,

किसान ( मन ही मन ) : क्यों ना में घोड़े के बदले भेड़ ले लु इससे हमे दूध की समस्या भी नहीं होगी !

किसान अपनी बात उस भेड़ के चरवाहों को बताया वह बहुत खुश हो गया

भेड़ वाला व्यक्ति : हां हम आपस में बदल लेते है ,

अब किसान खुश था उसके पास एक भेड़ थी लेकिन तभी उसके पास से एक मुर्गी वाला गुजर रहा था ,

उसने सोचा कैसा हो अगर में भेड़ के बदले में मुर्गी लूं इससे यह हमे अंडा देगी और हमारे खाने के लिए बेहतर होगा और जब यह चूचे ( मुर्गी के बच्चे ) देगी तो वह बड़े हो कर वो भी अंडा देंगे

ये सोच कर वह आगे बढ़ा ,
और मुर्गी वाले से कहा क्यों न तुम अपनी मुर्गियों के बदले में मेरे साथ मेरी भेड़ बदल लो ,

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मुर्गी वाला व्यक्ति ( मन ही मन ) : सौदा तो अच्छा है ,

मुर्गी वाला व्यक्ति : मगर एक शर्त पे में अपनी सिर्फ एक ही मुर्गी दे सकता हूं !

किसान राज़ी हो गए अब उसने सोच में जल्द ही घर पहुंच जाऊंगा , दिन ढालता गया और किसान को बहुत भूख भी लग रही थी वो जल्दी जल्दी घर पहुंच ने की कोशिश कर रहा था ।

मगर तभी , पास के एक ढाबे से बढ़िया रोटी की खुशबू आ रही थी , जब दाल का तड़का लगा तो उसके मुंह में पूरा पानी भर गया और उससे रहा नहीं गया ।

वह ढाबे के पास पहुंचा ,
किसान ने कहा : मुझे जल्दी से भर पेट रोटी – दाल और सब्जी खिला दो ,

उस ढाबे का मालिक, जिसको लगा या तो ये पागल है या फिर यह मुर्गी चोरी की है उसने ऐसा किसान से कहा!

किसान ने बोला नहीं यह चोरी की नहीं है ,

इत्तेफ़ाक से मुर्गी वाला भी उधर से जा रहा था ,
किसान ने बोला मेने अपनी भेड़ के बदले में यह मुर्गी ली है , और उस मुर्गी वाले को रुकवा कर कहा आप उन से पूछ लो !

ढाबे के मालिक को अब विश्वास हो गया था मुर्गी चोरी की नहीं है मगर उसके मन में एक सवाल था ।

ढाबे का मालिक : तुमने इसे भेड़ के बदले में क्यों बदला ?
किसान ने सुबह से लेकर शाम तक की सारी बात बताई
ढाबे का मालिक : में तुम्हे भर पेट खाना तो दे दूंगा मगर मुझे तुम पे तरस आ रहा है तुम्हारे घर जाते ही तुम्हारी पत्नी तुम पे गुस्सा करेगी और तुम्हें घर में नहीं जाने देंगी ।

किसान : मेरी पत्नी भले है अनपढ़ है मगर मेरे इस फैसले से वह खुश हो जाएगी ।

ढाबे का मालिक शर्त लगाते हो ?

किसान: हां ,

किसान : शर्त किस चीज़ की ?
ढाबे का मालिक : तुम जो बोलों
किसान गरीब था उसने कहा में खली हाथ लौट आऊंगा और जिदंगी भर आपके यहां काम करूंगा

आप शर्त हारे तो क्या दोगे ?

में तुम्हे गाय , घोड़ा , भेड़ और मुर्गी इन सभी की रकम अदा करूंगा !

अब किसान भर पेट खा लेता है और चलता है साथ ही ढाबे का मालिक भी जाता है ताकि पूरी तरह से पता लगा पाए क्या सच है ?

रात हों गई थी काफी अंधेरा था , मगर वह दोनों सही सलामत पहुंच गए थे !

किसान ने कहां आप बाहर से ही हमारे बीच की बातें सुनना

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किसान ने घर में प्रवेश किया और कहने लगा कहां हो भाग्यवान ,
पत्नी : में इस तरफ हु ।
पत्नी ने पूछा तो कितने पैसे मिले ?
किसान पैसे तो नहीं मिले मगर मैने उसके बदले में घोड़ा ले लिया
पत्नी : चलो यह तो बढ़िया है इससे हमे समान इधर से ले जाने में दिक्कत नहीं होगी और हम जंगल से लकड़ियां काट कर भी लेकर आ सकते है और
बाजार में बेच सकते है ,

मगर जैसे ही में थोड़ा आगे बढ़ा मेने घोड़ा को भेड़ के साथ बदल लिया

पत्नी : यह भी अच्छा है इससे हमे दूध की समस्या भी नहीं होगी , कहा है भेड़

किसान : मगर भाग्यवान भेड़ भी हाथ से निकल गई रास्ते में मुझे मुर्गी वाला व्यक्ति मिला तो मेने भेड़ के बदले मुर्गी ले ली ।

यह सारी बातें बाहर खड़ा ढाबे का मालिक सुन रहा था !

पत्नी : यह तो और भी अच्छा है कि आपने मुर्गी ले ली , इसे हमे खाने के लिए अंडा भी मिल जाएगा ।

पत्नी ने कहा : कहां है मुर्गी ?
किसान: भाग्यवान मुझ बहुत भूख लग रही थी मेने जैसे ही एक ढाबे के पास गुजर रहा था उसकी खुशबू से मेरे मुंह में पानी भर गया और मुर्गी के सौदे में मेने भर पेट खाना खा लिया ।

पत्नी : यह तो और भी अच्छी बात है , आपने कितने समय बाद भर पेट खाना खाया , आप की अगर सेहत अच्छी रहेगी तो हम काम कर के और भी अच्छा पैसा कमा सकते है ! मुझे खुशी है आपने बहुत अच्छा फैसला लिया ।

किसान की पत्नी ने बाल्टी की पानी उठाई और बोला चलो मुंह हाथ धो लो ।
किसान उठा और उसने ढाबे के मालिक को अंदर आने को कहा
ढाबे का मालिक : में बहुत ही ज्यादा खुश हु , बहन जी आपके इस समझदारी से में बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ यह देखकर और कहां बहन जी आपके पति ने इतनी बड़ी बेवकूफी की मगर आप बिल्कुल भी गुस्सा नहीं हुई ? आपकी इस सहनशीलता की में तारीफ करता हु ।

किसान की पत्नी ने कहा : भगवान ने हमे गरीब और संतानहीन ही बनाया , मगर हम दोनों के बीच यह जो प्रेम है यह अमूल्य है और छोटी छोटी बातों पे क्रोध कर इस अमूल्य प्रेम को गंवाना नहीं चाहती हम हर सुबह यही प्रार्थना करते है हम दोनों के बीच हमेशा ऐसे ही सूझ बुझ बनी रहे । यह मुझे बहुत सहयोग करते है साथ ही में भी कोशिश करती हु कि यह भी खुश रहे इनके सुख में ही मेरा सुख है इसीलिए में क्रोध नहीं करती ।

ढाबे का मालिक यह सुन बहुत प्रसन्न हुआ और प्रभावित हुआ ।

वह शर्त हार चुका था , उन दोनों को अपने ढाबे पे ले जा के भर पेट खाना खिलाया और शर्त अनुसार घोड़ा , गाय , भेड़ और मुर्गी की कुल रकम सात हजार ( 7,000) दी और साथ ही किसान को अपने ढाबे पे नौकरी भी दी ।

और इस तरह किसान का आज का दिन सुखमय में चला गया ।

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जब वह दोनों सोए तो उनकी पत्नी को उनके गाय के आवाज सुनाई दी उन्हें यह भय लगा मगर गाय की आवाज़ तो सच में आ रही थी ।

वह गाय अपने मालिकों के पास वापस आ गई थी अब बस सुबह उनको उठने की देर थी ।

यहां तक यह कहानी पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद !

कहानी से सीख :

हम सभी को हमेशा ही सकारात्मक सोचना चाहिए और सकारात्मक बोलना चाहिए इससे हम कितनी भी बुरी परिस्थितियों में होते है सकारात्मक सोच हमे उन परिस्थितियों से लड़ने की क्षमता देती है, और आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन करती है । जब नकारात्मक सोचते है तो हम अपनी परिस्थितियों से लड़ने से पहले ही हार जाते है, इसीलिए हमेशा सकारात्मक सोचे और सकारात्मक बोले ।

Source of this amazing story : NCERT.NIC.IN

निष्कर्ष : 

दोस्तों, मैं आशा करता हूँ कि आपको ” रोटी और शर्त : Hindi Stories for kids with Moral ” शीर्षक वाली यह “Hindi Stories ” पसंद आई होगी , ऐसी और भी “प्रेरणादायक हिंदी कहानियां“,” अच्छी अच्छी हिंदी कहानियां ” ,” अकबर बीरबल की रोचक कहानी ” ,” Short Panchatantra Hindi Stories  “,” Short Hindi Stories” की कहानी पढ़ने के लिए, हमारे ब्लॉग www.Sagadoor.in पर बने रहे , धन्यवाद !

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