Hindi Stories for Kids
पढ़िए यह सर्वश्रेष्ठ हिंदी कहानियाँ , इन कहानियों के माध्यम से आप प्रकृति का महत्व समझेंगे और एक सुंदर नैतिक शिक्षा भी सीखेंगे। यह हिंदी कहानियां केवल मनोरंजन नहीं, हमारी पीढ़ियों की धरोहर हैं। ये हमें जीवन जीने की सही दिशा दिखाती हैं, अच्छाई चुनना सिखाती हैं और प्रकृति से जुड़ाव का मूल्य समझाती हैं ,साथ ही साथ हमने कुछ प्रेरणादायक हिंदी कहानियां (Inspirational stories in hindi) भी इसमें शामिल की है जो आपको प्रोत्साहित करती है अच्छी आदतें अपनाने में जिससे हम अपने भविष्य में होने वाली गलतियों से बच सकते है ! चलिए शुरू करते है यह हिंदी प्रेरणादायक कहानियाँ (bacchon ki kahaniyan hindi mein), बिना देरी किए बगैर ।
1.समय का सही उपयोग

रवि और मोहित दो मित्र थे , दोनों एक ही कक्षा में साथ ही पढ़ाई करते थे, पर रवि समय पर काम करता था जबकि मोहित अक्सर ही काम को टाल ने का बहाना बनाया करता और समय पे कभी काम पूरा नहीं करता ,परीक्षा नज़दीक आते ही रवि ने अपनी तैयारी कर ली, लेकिन मोहित सोचता रहा कि अभी बहुत समय है।
परीक्षा से एक दिन पहले मोहित घबरा गया, उसे समझ नहीं आ रहा था कि क्या पढ़े और कितना पढ़े। रवि ने उसकी मदद की, पर समय बहुत कम था।
अगले दिन परीक्षा हुई, रवि ने सभी सवाल आसानी से हल कर लिए, जबकि मोहित कई सवालों से उलझा रहा। रिज़ल्ट आने पर रवि के अच्छे अंक आए, लेकिन मोहित के कम अंक आए और वह निराश हो गया।
उसने रवि से पूछा, “तुम कैसे इतना शांत और तैयार थे ? ”
रवि : “मैं रोज थोड़ा-थोड़ा पढ़ता हूँ और समय का सही उपयोग करता हूँ ” और पूरी तरह तैयार था परीक्षा के लिए,इस कारण मुझे आखिरी समय में चिंता नहीं हुई और शांत मन से मेने परीक्षा में सवाल हल किए ।
मोहित ने उस दिन फैसला किया कि वह भी अब समय की कद्र करेगा और अपना काम को टालने की बजाय उस काम को जल्द से जल्द करने की कोशिश करेगा ।
कहानी से सीख : समय को महत्व देने वाला ही सफल होता है।
2. कर्म का फल

एक छोटे से गाँव में एक गरीब बूढ़ी औरत रहती थी, उसके पास ज्यादा कुछ नहीं था , लेकिन उसका दिल बहुत बड़ा था। एक दिन ठंडी शाम को उसने देखा कि एक घायल चिड़िया उसके दरवाजे पर पड़ी है।
वह तुरंत उसे उठाकर घर ले आई और उसकी मरहम-पट्टी करने लगी।
रोज उसे खाना देती और देखभाल करती,कुछ हफ्तों में वह चिड़िया ठीक हो गई।
एक सुबह चिड़िया उड़कर चली गई। बूढ़ी औरत उदास हुई, मगर खुशी इस बात की थी वह ठीक हो गई और हवाओं में अच्छी तरह से उड़ सकती थी ।
कुछ दिनों बाद तेज बारिश हुई। बूढ़ी औरत का घर लकड़ियों का था , जिस वजह से तेज बारिश की वजह से वो गिरने लगा , बूढ़ी औरत जब अपने घर से बाहर आई तो कई लोग उसके घर के तरफ आ रहे थे जो सहायता के लिए आए थे , जो घर टूटने लगा था । बूढ़ी औरत ने जब आस पास देखा तो उन्हें वह ही चिड़िया दिखी , जो कुछ हफ्ते पहले मिली थी ,
एक व्यक्ति ने कहा यह मेरी चिड़िया है यह मुझे इस तरफ का इशारा करते हुए ले आई और यहां देखा तो आपका घर बारिश में गिर रहा था मगर अब कोई बात नहीं सब सही हो गया है ,
और वह बूढ़ी औरत कुछ नहीं कहती बस मुस्कुराती रहती है , और यह कहानी यहां समाप्त होती है
कहानी से सीख : दया कभी व्यर्थ नहीं जाती और आपका कर्म आपके पास जरूर लौट आता है भले ही आप अच्छा या बुरा काम करते है ! सदैव अच्छा रहे अच्छा सोचे ।
3.पढ़ाई और खेल दोनों जरूरी

नीरज पढ़ाई में बहुत अच्छा था, लेकिन खेलना उसे समय की बर्बादी लगता था। उसके दोस्त रोज़ मैदान में फुटबॉल खेलते, पर नीरज किताबों में डूबा रहता।
एक दिन स्कूल में खेल दिवस (Sports Day) की घोषणा हुई। सभी बच्चों ने उत्साह दिखाया। नीरज के शिक्षक ने सुझाव दिया कि वह भी किसी खेल में भाग ले।
पहले तो नीरज ने मना किया, लेकिन दोस्तों के कहने पर वह दौड़ प्रतियोगिता में शामिल हो गया। हालांकि उसने कभी अभ्यास नहीं किया था, इसलिए वह जल्दी ही थक गया और हार गया।
नीरज निराश था, तब उसके शिक्षक ने कहा, “बेटा, जैसे दिमाग को पढ़ाई की जरूरत है, वैसे ही शरीर को खेल की दोनों साथ चलेंगे तो ही तुम पूरी तरह स्वस्थ रहोगे।”
नीरज ने बात समझी और रोज़ थोड़ा-थोड़ा खेलने लगा, आगे वाली प्रतियोगिता में उसने अच्छा प्रदर्शन किया।
कहानी से सीख : पढ़ाई और खेल दोनों जरूरी हैं—इनमें संतुलन सफलता लाता है।
4.दोस्ती का महत्व

आरव और नतन दो अच्छे दोस्त थे, वे साथ पढ़ते, खेलते और हर काम में एक-दूसरे की सहायता करते।
लेकिन एक दिन किसी छोटी बात पर उनकी झगड़ा हो गया।
दोनों ने एक-दूसरे से बात करना बंद कर दिया, स्कूल में उनके शिक्षक इस बातों पे ध्यान दिया। उन्होंने एक दिन दोनों को अलग-अलग पेड़ लगाने को कहा।
आरव का पेड़ सूख गया क्योंकि वह अकेला था और उसे यह नहीं पता था कब पानी पेड़ में देना चाहिए और उसका ख्याल रखना चाहिए ! दूसरी ओर नतन का पेड़ थोड़ा सूखने लगा, तो उसने सोचा—अगर आरव साथ होता तो वह इसे संभालने में मदद करता।
शिक्षक ने समझाया, “जैसे पेड़ों को बढ़ने के लिए सहयोग चाहिए, वैसे ही जीवन में दोस्तों की जरूरत होती है”
दोनों को अपनी गलती समझ आई और उन्होंने एक-दूसरे से माफी मांग ली।
कहानी से सीख : सच्ची दोस्ती जीवन में खुशी और बल दोनों देती है।
5.पेड़ों का महत्व

राजू और सोनू दो दोस्त थे, वे अपने गाँव के खेल के मैदान में रोज खेलने जाते। एक दिन उन्होंने देखा कि गाँव का एक बुजुर्ग व्यक्ति पेड़ लगा रहा था।
राजू ने पूछा, “दादाजी, आप अब पेड़ क्यों लगा रहे हैं? इन्हें बड़ा होने में सालों लगेंगे।”
दादाजी मुस्कुराए और बोले, “बेटा, मैं यह पेड़ अपने लिए नहीं लगा रहा, बल्कि तुम्हारी आने वाली पीढ़ियों के लिए लगा रहा हूँ।”
शायद राजू इस बात कि गहराई समझ नहीं पाया, कुछ महीने बाद गर्मी बहुत बढ़ गई। खेल का मैदान जलता हुआ सा लगता था। बच्चे खेलने नहीं आते थे।
एक दिन मैदान में पेड़ का ठंडी हवाएं आने लगी और बहुत सुकून सा लगा, और पेड़ों की छाया बच्चों को थोड़ी ठंडक देने लगी। उन्होंने महसूस किया कि पेड़ों के कारण हवा ठंडी होती है और वातावरण अच्छा रहता है।
अब राजू इस बात को समझ गया था कि पेड़ अगर हम आज लगाए तो यह आने वाले भविष्य में वातावरण के साथ साथ बच्चों के लिए भी अच्छा है, हम फल भी तोड़ के खा सकते है !
अब राजू और सोनू हर सप्ताह नए पौधे लगाने लगे,उन्होंने गाँव के और बच्चों को भी साथ जोड़ा।
कहानी से सीख : पेड़ हमारी जिंदगी हैं—उन्हें लगाना और बचाना सबकी जिम्मेदारी है।
6.सच्चाई की जीत

एक गाँव में रमन नाम का एक ईमानदार लड़का रहता था। वह हमेशा सच बोलता था, इसलिए सब उससे प्यार करते थे। स्कूल में भी उसके शिक्षक उसे सत्य बोलने के लिए प्रोत्साहित करते थे। एक दिन स्कूल में परीक्षा हुई और सभी बच्चे मन लगाकर लिखने लगे। रमन शांत मन से सवाल हल करने लगा ।
परीक्षा खत्म होने के बाद शिक्षक ने जवाब पुस्तिकाएँ जाँचीं, रमन को पूरे अंक मिले। लेकिन घर जाते समय रमन को पता चला कि गलती से उसके पेपर में एक सवाल गलत था, जिसे शिक्षक ने सही मानकर पूरे अंक दे दिए थे।
रमन सोच में पड़ गया, वह जानता था कि अगर वह कुछ न बोले तो वह कक्षा का सबसे होशियार छात्र घोषित हो सकता था।
लेकिन उसका मन नहीं माना। अगले दिन वह शिक्षक के पास गया और बोला, “सर, मेरे पेपर में यह उत्तर गलत था। आपने गलती से इसे सही मान लिया।”
शिक्षक यह सुनकर हैरान रह गए। उन्होंने कहा, “बेटा, तुम्हारी ईमानदारी ही तुम्हें सच्चा विजेता बनाती है” उन्होंने रमन को “सत्यवादी छात्र” का पुरस्कार दिया।
कहानी से सीख : सच्चाई की राह कठिन हो सकती है, पर जीत हमेशा सत्य की ही होती है।
7.अधूरी पतंग

अर्जुन को पतंग उड़ाने का अक्सर ही मन करता था। हर साल गाँव में पतंगबाज़ी की बड़ी प्रतियोगिता होती थी, जिसमें उसके पिता हमेशा उसे भाग लेने के लिए कहते थे। लेकिन अर्जुन सोचता था कि वह इतना अच्छा नहीं है और कोशिश करने पर भी जीत नहीं पाएगा।
“अगर हार गया तो सब मज़ाक उड़ाएँगे,” यही सोचकर वह हर बार पीछे हट जाता।
एक दिन उसके पिता ने एक सुंदर, मजबूत पतंग खरीदकर उसे दी और बोले,
“बेटा, हारने से हमे डरना नहीं चाहिए और कोशिश करते रहना चाहिए “
लेकिन अर्जुन फिर भी प्रतियोगिता में भाग नहीं लिया। पतंग नई की नई पड़ी रही।
कुछ महीनों बाद अर्जुन के पिता बीमार पड़ गए और उनका निधन हो गया। अर्जुन टूट गया। एक दिन उसने पिता की दी हुई वही पतंग उठाई। उस पर लिखा था—
“डर में कुछ भी नहीं रखा , उड़ाना है तो आज ही पतंग उड़ाओ ! कल का भरोसा नहीं कब किया हो जाए”
यह पढ़कर अर्जुन रो पड़ा। उसे एहसास हुआ पिता की बात ना मान कर उसने गलती की इससे भी ज्यादा की उसने कभी कोशिश ही नहीं की। उस दिन उसने पतंग उड़ाई, पर उसके दिल में एक गहरा दर्द था—
“काश! मैंने पहले ही कोशिश कर ली होती। काश मेरे पिता भी मुझ पतंग उड़ाते हुए देखते”
अब अर्जुन हर बच्चे को यही सिखाता है—
“कोशिश करने वाला कभी नहीं हारता, और कोशिश न करने वाला हमेशा पछताता है।”
कहानी से सीख : जीवन में कुछ न कर पाने से बड़ा दर्द है—कभी कोशिश ही न करना। पछतावा सबसे भारी बोझ है।
निष्कर्ष :
दोस्तों, मैं आशा करता हूँ कि आपको ” 7 Amazing Short Hindi Stories for Kids : मज़ेदार कहानियाँ” शीर्षक वाली यह हिंदी प्रेरणादायक कहानियाँ, पसंद आई होगी , ऐसी और भी “प्रेरणादायक कहानियाँ “, ” छोटी कहानियाँ ( Chhoti Kahaniyan),” ,”Short Stories in Hindi”.” Short Hindi Stories for Kids” की कहानी पढ़ने के लिए, हमारे ब्लॉग www.Sagadoor.in पर बने रहे , धन्यवाद !
