पहले मुर्गी आई या अंडा

शहंशाह अकबर दरबार की सभा में थक जाते है जब वह सभा छोड़ कर जा रहे थे तब एक सिपाही आता है ,
सिपाही : हुजूर एक ज्ञानी पंडित लंबी दूर की यात्रा सफर कर के आए है वह अपने कुछ प्रश्न का जवाब चाहते है वह आप से मिलना चाहते है ,
अकबर : हम थक गए है मगर उनका अपमान नही कर सकते , इजाजत है ।ज्ञानी पंडित दरबार में आते है ,
ज्ञानी पंडित : जहांपनाह ,
हमने इस राज्य के बारे में काफी सुना है आप किसी को भी खाली हाथ नहीं भेजते आप हमेशा अपने से बड़े का ख्याल रखते है और गरीब लोगों का भी तो किया में सवाल पूछना शुरू करूं ?
अकबर : पंडित जी , हम आपके सवाल का जवाब जरूर देना चाहेंगे मगर हमें शंका है शायद हम आपका जवाब ना दे पाएं इसीलिए हम अपने सलाहकार बीरबल को यह मौका देंगे राज्य में बीरबल के चतुराई के किस्से बहुत प्रसिद्ध थे ,
सभी दरबारियों को भी यही उम्मीद थी कि बीरबल, ज्ञानी पंडित के प्रश्नों का जवाब देने के लिए सक्षम है ।
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अब अकबर बीरबल ( akbar birbal) की इस कहानी में आगे ,
ज्ञानी पंडित बीरबल से कहते है : बीरबल हमे आशा है आप इन सभी व्यक्तियों का निराश नही करेंगे
बीरबल : जी ! कृपया आप अपना प्रश्न पूछे
ज्ञानी पंडित : हम आपको दो विकल्प देते है पहला यह कि आप सौ आसान प्रश्न का जवाब दे या दूसरा आप एक कठिन प्रश्न का जवाब दे ,
बीरबल कुछ समय सोचने के पश्चात्
बीरबल : हम आपके एक कठिन प्रश्न का जवाब देना चाहेंगे ,
ज्ञानी पंडित : बताए पहले किया आया , पहले मुर्गी आई या अंडा ?
बीरबल : इस प्रश्न का जवाब तो बहुत सरल है श्रीमान पहले मुर्गी आई।
ज्ञानी पंडित : किया आप ये बताएंगे की कैसे पहले मुर्गी आई बीरबल : जी ! आपने एक ही कठिन प्रश्न का उत्तर देने को कहा था यह आपका दूसरा प्रश्न है ।
बीरबल की यह बात से सभी दरबारी और ज्ञानी पंडित सब चौक गए ज्ञानी पंडित भी समझ गए बेवजह ही बीरबल के किस्से प्रसिद्ध नही है , बीरबल बहुत सुलझे हुए और समझदार व्यक्ति है ,
ज्ञानी पंडित ने जहांपनाह से मिल के धन्यवाद किया और अलविदा लिया और चले गए ,
अकबर : वो बीरबल तुम बहुत चालक हो हमे तुम पर गर्व है ।
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कहानी से सिख ( moral of Akbar birbal story) :
ज्ञान का भंडार बहुत अच्छा है किसी भी व्यक्ति के लिए मगर आपको यह अहंकार हो जाए सब से ज्यादा ज्ञान आपके पास है तो तुम से बड़ा मुर्ख और कोई नहीं है । बीरबल की तरह आप भी अपने मुश्किल समय पर भी सूझ और सय्याम से हर समस्या का हल निकाल सकते है ।

निष्कर्ष ( conclusion) :
आशा करता हु आपको यह ( akbar birbal ) अकबर – बीरबल की कहानी अच्छी लगी हो ” Akbar birbal stories ” से हम यह भी सीखते है की ज्ञान का ज्यादा अहंकार सही नही होता ।
अकबर – बीरबल की कहानी : पहले मुर्गी आई या अंडा की कहानी हमे सिखाती है ज्ञान का ज्यादा अहंकार या किसी भी चीज़ का अहंकार आपको दूसरे के नजरों में गिरा देता है आप ज्ञान के भंडार को जितना दुसरो तक पहुंचाएंगे आपके पास उतना ज्ञान ही बढ़ेगा और भी akbar and birbal stories in hindi में पढ़े हमारी वेबसाइट पे बिलकुल फ्री में ।